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परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के निर्देश पर उल्हासनगर रिक्शा यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के निर्देश पर उल्हासनगर रिक्शा यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
1 अगस्त के पहले रिक्शा चालकों को मराठी में संवाद के लिए किया जाएगा प्रशिक्षित, “चला मराठी बोलूया... आओ मराठी बोलेंगे” अभियान का शुभारंभ जल्दी शुरू की जाएगी
उल्हासनगर | प्रतिनिधि
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री श्री प्रताप सरनाईक के निर्देश तथा कल्याण आरटीओ के मार्गदर्शन में उल्हासनगर महानगरपालिका स्थित शिवसेना गटनेता एवं सभागृह नेता श्री अरुण आशान के कार्यालय में उल्हासनगर रिक्शा यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में 1 अगस्त 2026 से रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों से मूलभूत मराठी भाषा में संवाद करने की अपेक्षा के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर कोकण मराठी साहित्य परिषद के सहयोग से मराठी भाषा प्रशिक्षण, संवाद कौशल विकास और जनजागृति अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
परिषद के प्रा. डॉ. प्रदीप ढवळ एवं श्रीमती नमिता कीर ने रिक्शा चालकों को मराठी भाषा सीखने, यात्रियों से प्रभावी संवाद स्थापित करने तथा महाराष्ट्र की भाषा और संस्कृति के सम्मान को बढ़ावा देने के संबंध में मार्गदर्शन किया..!
उल्हासनगर रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष श्री हरजिंदर सिंह भुल्लर (विक्की) ने सभी रिक्शा चालक भाइयों से शासन के निर्देशों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यूनियन की ओर से मराठी भाषा सीखने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में निःशुल्क मराठी संभाषण वर्ग, प्रशिक्षण शिविर, जनजागृति अभियान और मार्गदर्शन सत्र आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख मान्यवर श्री अरुण आशान – शिवसेना गटनेता / सभागृह नेता,श्री हरजिंदर सिंह भुल्लर (विक्की) – अध्यक्ष, उल्हासनगर रिक्शा यूनियन,श्री शेखर यादव,प्रा. डॉ. प्रदीप ढवळ – कोकण मराठी साहित्य परिषद,श्रीमती नमिता कीर – कोकण मराठी साहित्य परिषद,सौ. साक्षी सर्वे – नगरसेविका,सौ. मीना सौंडे – नगरसेविका,श्री प्रकाश माली – समन्वयक,शिवसेना विभाग प्रमुख श्री प्रमोद पांडेय तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे

एवं रिक्शा चालक प्रतिनिधि बैठक के अंत में “चला मराठी बोलूया... आओ मराठी बोलेंगे” का संदेश देते हुए मराठी भाषा के सम्मान और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

“मराठी का सम्मान, महाराष्ट्र का अभिमान” के संदेश के साथ यह पहल रिक्शा चालकों और यात्रियों के बीच संवाद को अधिक सरल, सौहार्दपूर्ण और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 

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